भारतीय महिला टीम और इंग्लैंड महिला टीम के बीच एकमात्र टेस्ट मैच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जा रहा है। तीसरे दिन टीम इंडिया ने यास्तिका भाटिया के धमाकेदार शतक की बदौलत इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रनों का टारगेट दिया। इससे पहले दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट के नुकसान पर 154 रन बनाए। स्मृति मंधाना 69 और यास्तिका भाटिया 39 रन पर बल्लेबाजी कर रही हैं। दूसरी पारी में भारत का एकमात्र विकेट शेफाली वर्मा (33) के रूप में गिरा है।
इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए। स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर ने अर्धशतकीय पारी खेली। मंधाना ने पहली पारी में 83 बनाए, जबकि कप्तान कौर के बल्ले से 58 रन निकले, इस दौरान उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में 9000 रन भी पूरे कर लिए। पहली पारी में दीप्ति शर्मा ने भी 57 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। ऋचा घोष, स्नेहा राणा 13-13 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। जेमिमा रॉड्रिक्स ने 35 और यस्तिका भाटिया ने 12 रन बनाए। शेफाली वर्मा शून्य के स्कोर पर आउट हुईं। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने 3, लॉरेन फिलर, इस्सी वोंग और मैडी विलियर्स ने 2-2 विकेट लिए। लॉरेन बेल को एक सफलता मिली।
भारत के पहली पारी के 285 रनों के जवाब में इंग्लैंड की टीम पहली पारी में सिर्फ 170 रनों पर ही सिमट गई। इंग्लैंड की तरफ से विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोंस ने सबसे ज्यादा 52 रन और कप्तान नेट साइवर ब्रंट ने 44 रन की पारी खेली। वहीं मैया बूचियर ने 23 रन बनाए। इन तीनों के अलावा इंग्लैंड का कोई भी दूसरा बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। भारत की तरफ से गेंदबाजी में क्रांति गौड ने कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 17 ओवरों में सिर्फ 37 रन देकर 5 विकेट चटकाए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' (लीडरबोर्ड) पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। उनके अलावा सयाली सतघरे और स्नेहा राणा को दो-दो विकेट मिले, जबकि दीप्ति शर्मा ने एक विकेट लिया।